पितृदोष (Pitra dosh) – क्या होता है, इसके कारण, लक्षण, और उपाय!

पितृदोष (Pitra dosh) – क्या होता है, इसके कारण, लक्षण, और उपाय!

कुंडली(Kundli) देखते समय अक्सर ज्योतिषी(Astrologer) कई लोगों को पितृदोष (Pitra dosh)  से पीड़ित बताते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि आखिर ये पितृदोष क्या होता है?

तो दोस्तों आपको जानकारी के लिये बता दें कि कुंडली के नौवें घर को धर्म का घर कहा जाता है और ये पिता का घर भी होता है, अगर किसी व्यक्ति की कुंडली(Kundli) में सूर्य बुरे ग्रहों के साथ विराजमान होते हैं या फिर सूर्य पर बुरे ग्रहों की दृष्टि पड़ रही होती है तो कुंडली में उस भाव का बनना पितृदोष (Pitra dosh) कहलाता है।    

नौवें घर पर सूर्य और राहू की युति होने से या सूर्य और केतू  की युति होने से पितृदोष का योग बनता है। शास्त्र के अनुसार सूर्य तथा राहू जिस भी भाव में बैठते है, उस भाव के सभी फल नष्ट हो जाते है। इस प्रकार का व्यक्ति हमेशा किसी न किसी प्रकार की टेंसन में रहते हैं, उसकी शिक्षा पूरी नहीं हो पाती है, और वो जीविका के लिये तरसते रहते हैं।

जानें पितृ-दोष(Pitra dosh)  क्यों लगता है? इसके कारण-

  • पूर्व जन्म में माता-पिता की अवहेलना करना ।
  • अपने दायिव्यों का ठीक तरीके से पालन न करना।
  • पितरों का विधिवत् संंस्कार,श्राद्ध न होना।
  • धर्म विरुद्ध आचरण करना।
  • गर्भपात करना आदि।
  • पराई स्त्री से संबंध बनाना।
  • कुल के देवी-देवताओं का अपमान करना
  • पवित्र स्थान पर ग़लत काम करना।
  • गौ हत्या करना।
  • वृक्ष, फल लदे, पीपल, वट इत्यादि कटवाना।
  • नाग की हत्या करना, कराना या उसकी मृत्यु का कारण बनना।
  • पितरों की विस्मृति या अपमान।

पितृ-दोष(Pitra dosh) के लक्षण-

  • जिन लोगों की कुंडली(Kundli) में पितृदोष होता है उनको संतान होने में समस्याएं आती है और अगर संतान पैदा हो भी जाये तो वो अधिक समय तक जीवित नहीं रह पाती हैं।
  • घर-परिवार के अंदर किसी न किसी व्यक्ति को किसी न किसी व्यक्ति से दिक्कत होती है या तो उनमें अंदर ही अंदर झगड़ा होता रहता है और घर में परिवार के व्यक्ति के साथ मन-मुटाव होता रहता है
  • पितृदोष(Pitra dosh) का एक लक्षण ये भी है कि घर में से कोई न कोई सदस्य हमेशा बीमार रहता है।
  • अगर पितृदोष हो तो लड़की के विवाह में भी परेशानियां आ जाती है या तो उनके विवाह में देरी हो जाती है, या तो उन्हें मनचाहा वर नहीं मिल पाता।
  • पितृदोष वाले व्यक्ति अपने ही पिता के साथ अच्छा तालमेल नहीं बैठ पाते हैं
  • पितृदोष होने के कारण धन का भी अभाव रहता है या तो बार बार धन की हानि होती रहती है।
  • पितृदोष होने के कारण लम्बे समय तक कोर्ट और कचहरी के चक्कर भी काटने पड़ सकते है।
  • जिन लोगो को पितृदोष होता है, उनकी शादी होने में भी कई प्रकार की समस्याएं आ सकती है।
  • पितृदोष होने के कारण व्यक्ति को अपनों से धोखा मिलता है।
  • पितृदोष वाले व्यक्ति के साथ दुर्घटना का होना होता रहता है
  •  इनके मांगलिक कार्यों में विघ्न का होना।
  •  परिवार के सदस्यों में से किसी को प्रेत-बाधा इत्यादि होना । 
  • घर में हमेशा तनाव और कलेश रहना।

पितृ-दोष(Pitra dosh) के उपाय-

  • अगर कोई व्यक्ति गरीब  है या वो श्राद्ध करने में समर्थ नहीं है तो वो किसी पवित्र नदी के जल में काले तिल डालकर तर्पण कर सकता है, इससे पितृदोष में कमी आने लगती है।
  • अगर व्यक्ति की आय साधारण है, तो वो अपने पितरो के श्राद्ध में सिर्फ एक ब्राह्मण को भी भोजन करा सकता है और भोजन सामग्री में आटा,फल,शक्कर,गुड,सब्जी और दक्षिणा दान कर सकता है, ऐसा करने से पितृदोष का प्रभाव कम हो जाता है।
  • किसी ब्राह्मण को एक मुट्ठी काले तिल दान करने से पितृ प्रसन्न हो जाते है
  • अगर आप अच्छे से श्राद्ध करने की स्थिति में नहीं हैं, तो आपको सूर्य देव को हाथ जोड़कर प्रार्थना करनी चाहिए कि श्राद्ध के लिए जरूरी धन और साधन ना होने की वजह से मैं पितरो का श्राद्ध करने में असमर्थ हुं, इसलिये आप मेरे पितरो तक मेरा प्रेम भरा प्रणाम पंहुचा दीजिये और उन्हें तृप्त करें।
  • पीपल के वृक्ष पर दोपहर में जाए और उस पर जल,पुष्प, दूध, गंगा जल,अक्षत और काले तिल चढ़ायें और अपने स्वर्गीय परिजनों का स्मरण करके उनसे आशीर्वाद लें।
  •  व्यक्ति को दक्षिण दिशा की ओर दीवार पर अपने स्वर्गीय परिजनों का फोटो लगाकर उस पर हार चढ़ाना चाहिए और रोज़ उनकी पूजा और स्तुति करनी चाहिए
  • हर रोज़ इष्ट देवता और कुल देवता की पूजा करने से भी पितृदोष कम होने लगता है।
  •  घर में शाम के समय हर रोज़ दीप जलाये और नाग स्तोत्र, महामृत्युंजय मंत्र, रुद्र सूक्त, पितृ स्तोत्र या नवग्रह स्तोत्र का पाठ करना चाहिए, इससे भी पितृदोष की शांति होने लगती है।
  • कुंडली(Kundli) में पितृदोष होने वाले व्यक्ति को किसी गरीब कन्या का विवाह या तो उसकी बीमारी में सहायता करनी चाहिए, ऐसा करने से भी पितृदोष शांत होता है।
  • पितृदोष को शांत करने के लिए पीपल या तो बरगद का पेड़ लगाना चाहिए

दोस्तों हम उम्मीद करते हैं कि इस ब्लॉग से आपको काफ़ी मदद मिली होगी, पितृदोष जानने में। अगर आपके मन में पितृदोष को लेकर कोई और प्रश्न है, तो आप ज्योतिष की दुनिया के जाने माने ज्योतिषी  संजय शर्मा जी (Astrologer Sunjay Sharma) से संपर्क कर सकते हैं।

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